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नहीं अबला हूँ मैं अब मैं गाँव नहीं हूँ मैं खुश हूं तू अब साथ नहीं पछतावा नहीं अब कोई नारी शक्ति मातृशक्ति हिन्दीकविता hindikavita लम्हे ज़िन्दगी के सबला मौसम मैं

Hindi अब नहीं अबला मैं Poems